आधार कार्ड के एनरोलमेंट में तेजी से आ रही गिरावट.



आधार कार्ड पर सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद से इसके एनरोलमेंट में कमी आई है। जब से यह स्कूलों में और प्रतियोगी परीक्षाओं में जरूरी नहीं रह गया है, तब से लोग इससे परहेज कर रहे हैं।

 

 



ऑथेंटिकेशन के लिए आधार के इस्तेमाल और इसके लिए नया एनरोलमेंट नवंबर 2018 में सबसे निचले स्तर पर आ गया। यह सितंबर में आधार पर आए सुप्रीम कोर्ट के ऑर्डर के बाद हुआ। देश की सर्वोच्च अदालत ने 26 सितंबर को आधार की संवैधानिक वैधता को बरकरार रखते हुए इसका इस्तेमाल सरकारी सब्सिडी और कुछ सेवाओं तक सीमित कर दिया था।  
अदालत ने यह भी कहा था कि बैंक खातों या मोबाइल नंबर को आधार से लिंक कराना जरूरी नहीं है। सुप्रीम कोर्ट ने आधार को स्कूलों में दाखिले और एग्जाम एनरोलमेंट के लिए भी जरूरी नहीं माना। इससे आम लोगों को बहुत फायदा हुआ क्योंकि जिनके पास आधार नहीं है, उनमें से ज्यादातर की उम्र 18 साल से कम है।
 यूनीक आइडेंटिफिकेशन ऑफ इंडिया (UIDAI) के ऑनलाइन डैशबोर्ड के मुताबिक, पिछले महीने सिर्फ 8.62 लाख फ्रेश एनरोलमेंट हुए थे। इस साल जनवरी में आधार के लिए 73 लाख और सुप्रीम कोर्ट के ऑर्डर से पहले वाले महीने अगस्त में 28.2 लाख एनरोलमेंट हुए थे। नवंबर में आधार के जरिए 82.4 करोड़ ऑथेंटिकेशन हुए, जो मार्च में हुए 112.5 करोड़ से लगभग 27% कम है।  ईकेवाईसी (फिंगरप्रिंट या आंखों की पुतलियों) यानी आधार बेस्ड ऑथेंटिकेशन असल में मार्च के 37 करोड़ ट्रांजैक्शंस से घटकर नवंबर में 15.4 करोड़ रह गए। फ्रेश एनरोलमेंट में गिरावट लगभग दो तिहाई रही। यह सितंबर के 25 लाख से घटकर नवंबर में 8.62 लाख रह गई। मतलब लोग इससे परहेज कर रहे हैं और यह स्कूलों में दाखिले और प्रतियोगिता परीक्षा के लिए जरूरी नहीं रह गया है।